मनीष आमले रिपोर्टर धार
कुक्षी- 14 फरवरी को ʹवेलेंटाइन डेʹ मनाकर पश्च्यात पध्दति के कारण भारतीय संस्कारो से युवा वर्ग दूर होता जा रहा है और बड़ो के सम्मान में कमी सी आ गई है विदेशी कंपनियों के ग्रीटिंग कार्ड, फूल आदि मैं पैसे की बर्बादी होती है और पाश्यात्य पध्दति को बढ़ावा मिलता है ।
भारतीय संस्कारो को सहेजने के और पारिवारिक संस्कारो की और युवाओं को लाने के उद्देश्य से उस दिन ʹमातृ-पितृ पूजनʹ करने से काम-विकार की बुराई व दुश्चरित्रता के दलदल से ऊपर उठकर उज्जवल भविष्य, सच्चरिता, सदाचारी जीवन की ओर ले जायेगा और पैसे की बर्बादी नहीं होगी और मां-बाप प्रसन्न होंगे.
इस उद्देश्य को लेकर श्री योग वेदांत सेवा समिति , कुक्षी के तत्वाधान में आओ मनाये 14 फरवरी को मातृ-पितृ पूजन दिवस के उपलक्ष्य में गणगौर पेलेस , कुक्षी में संत श्री आशारामजी बापू की साध्वी शिष्या नीलू दीदी के सानिध्य में रखा गया मातृ-पितृ पूजन समारोह दीदी के द्वारा पु.बापू जी की आरती की गई साथ ही सत्संग हुआ फिर इस समारोह में सभी बच्चों ने अपने माता-पिता की पूजा की , आरती की , प्रणाम किया ,परिक्रमा की ओर मिठाई खिलाई योग वेदांत समिति द्वारा आम जनों से आह्वान किया है 14 फरवरी के दिन मातृ पितृ दिवस के रूप में मनाएं

