मनीष आमले प्रतिनिधी धार
धार - सीधी जिले में हुई भीषण बस दुर्घटना को टाला जा सकता था बस में अपनी क्षमता से दुगने यात्रियों को बैठाया था तथा बस अपने निर्धारित रूट से ना जाकर शॉर्टकट में जा र ही थी तथा जल्दी पहुंचने के चक्कर में बाणसागर की मुख्य नहर में समा गई। धार जिले में भी देखा जाता है कि परिवहन विभाग ने बस मालिकों को पूरी छूट दे रखी है। बसों में मनमाना किराया वसूला जाता है किराए का सार्वजनिक प्रकाशन नहीं किया गया नाही बसों में किराया की दरों को प्रदर्शित किया गया है।
ऐसे में कोरोना के समय से बस मालिकों द्वारा बढ़ाए गए किराए को अभी भी वसूला जा रहा है। बस स्टैंड में बसों के आने जाने की कोई समय सारणी नहीं है ।बसों में ओवरलोड आम बात है बसों के ड्राइवर भी बिना लाइसेंस के बस चलाते देखे जा सकते हैं। लेकिन परिवहन विभाग द्वारा इन सब बातों की चेकिंग न किए जाने के कारण इनकी मनमानियां जारी है। देखा जाता है कि धार जिले मे भी दुर्घटनाएं होती है। लेकिन बड़ी दुर्घटना ना होने के कारण मनमानियां जारी है।
संवेदनशील मुख्यमंत्री व कलेक्टर से अपेक्षा है कि वे यातायात विभाग पर भी कड़ाई करेंगे जिसे बस यात्रियों को मनमानी से सामना न करना पड़ेगा और जान माल की सुरक्षा भी रहेगी।
