मनीष आमले प्रतिनिधि धार
धार, 20 अप्रैल 2021/ आनंद मनुष्यता की अवधारणा है। हर व्यक्ति को आनंदित रहने का प्रयास करना चाहियें। कोरोनाकाल जैसी विकट आपदा में हमें आत्मचिंतन करना चाहिए। छोटे छोटे बदलाव व सोच में परिवर्तन से बड़े बदलाव संभव है। शांत समय अपने आप की अंदर आनंद की खोज का परखा हुआ अभ्यास है।
उक्त उदगार मध्यप्रदेश शासन अध्यात्म विभाग आनन्द संस्थान द्वारा जिले के आनंदको का 3 दिवसीय ऑनलाइन ब्लाक सम्मेलन कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर द्वारा व्यक्त किये गए। इस तीन दिवसीय ऑनलाइन हुए अल्पविराम आयोजन 40 आनंदक प्रतिभागियों की उपस्थिति में सम्प्पन हुआ। प्रतिभागियों ने सीखा कैसे सरल तरीकों से तनावमुक्त जीवन जीने और सकारात्मक ऊर्जा के साथ इस कोरोना वायरस विकट स्थिति में भी स्वयं को हम कैसे बेहतर बना सकते हैं। विभिन्न प्रश्न उत्तर गतिविधियों के माध्यम से कार्यक्रम किया गया। प्रथम दिवस में जिला आनंदक पंजीयक व समन्वयक विशाल दामके के द्वारा सभी का परिचय लिया गया। जीवन, परिवार व समाज से जुड़ी चिंताएं का द्वितीय दिवस में मंसारे जी ने अपने जीवन का लेखा जोखा क्यो व कैसे बनाना चाहिए सिखाया। जीवन मे किस किस को धन्यवाद करना है किस किस से माफी करना है और किस किस को माफ करना है का सत्र लिया। तृतीय दिवस में डॉ दीपेंद्र शर्मा व सहयोगी शिल्पी रॉय जी किन किन कारणों से रिश्ते बनते है किस किस कारणों से रिश्ते बिगड़ते है का सत्र लिया। कार्यक्रम में प्रार्थना शालीनी मिश्रा व अर्चना मुकाती की व शिल्पी रॉय ने प्रस्तुत की।
जिला खेल एवं युवक कल्याण अधिकारी व समन्वयक हेमंत सुवीर ने बताया कि प्रशिक्षित राज्य स्तरीय टीम द्वारा तीन दिवसीय आनलाईन कार्यक्रम प्रतिदिन डेढ़ घंटे अवधि का किया गया। मास्टर ट्रेनर के रूप में के बी मंसारे खरगोन, डॉ दीपेंद्र शर्मा धार, डॉ दिनेश कश्यप गुजरी, शिल्पी राय खंडवा व के.के. बुटोलिया ग्वालियर तथा कार्यक्रम के संचालक संभाग कोर्डिनेटर मुकेश करुआ उपस्थित रहे। यह जानकारी विशाल दामके ने दी।
