मनीष आमले रिपोर्टर धार
कुक्षी के ग्राम चिखलदा में सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर मौके पर पहुँची
काली कमाई में कोई राजनीति नही, सभी सफेदपोश मिलकर कर रहे अवैध धंधा ओर भी स्थानों का संज्ञान ले जिम्मेदार
नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेत्री समाज सेवी मेधा पाटकर आज पुराने चिखल्दा पहुंची जहा कई दिनों से रेत के अवैध खनन के बारे में सूचना मिल रही थी मेधा पाटकर के साथ चिखल्दा के कई ग्रामीण भी पहुंचे और आरोप लगाया की कई दिनों से चार पोकलैंड और जेसीबी मशीन और डंपरों से रेत निकाली जा रही है और कई किसानों की पाइप लाइन तक फोड़ दी है। खुलेआम गन लेकर डराते हुए अवैध रेत का काला कारोबार खुलेआम धडल्ले से कर रहे है। यहा पर जब मेधा पाटकर पहुंची तो सभी लोग खदान से भाग चुके थे और लाल बत्ती की स्कार्पियो और आर्टीका ओर ट्राले भी खड़े थे मेधा
पाटकर ने कहा की किस प्रकार नर्मदा के केचमेंट से रेत निकालना ग्रीन ट्रिब्यूनल के फैसले के खिलाफ है। इस प्रकार खुलेआम रास्तों को तोड़ते हुए रेत निकालना मतलब इसमें अधिकारियों की भी साठ गांठ है। एक तरफ कोरोना महामारी से देश लड़ रहा है और दूसरी तरफ इस प्रकार का कारोबार खुलेआम इनकी छवि को दर्शाता है । अगर जल्द अवैध खनन पर कार्यवाही नही हुई तो आगे परिणाम और भी भयंकर होंगे।
