मनीष आमले प्रतिनिधी धार
कुक्षी- स्काउट विद्यार्थियों में सद्गुणों को विकसित कर एक आदर्श नागरिक बनाने की विधा है । मितव्ययिता व स्वालम्बन का गुण विकसित कर स्काउट-गाइड समाज को नयी दिशा देता है । उक्त विचार विकासखण्ड कमिश्नर स्काउट महेश चतुर्वेदी ने स्काउट के जनक लार्ड बेडेन पॉवेल के जन्मदिवस पर कन्याशाला में आयोजित विचार दिवस के कार्यक्रम में व्यक्त किये । इस अवसर पर नरेन्द्र सिर्वी ने कहा कि विद्यार्थी जीवन में मिली सीख जीवन के किसी न किसी मोड़ पर काम आती है । मनोज साधु ने कहा कि स्काउट विधा अभावों में रहकर प्रभाव साबित करने के लिए बुद्धि - विवेक का सही इस्तेमाल करने की कला सिखाती है ।
कन्या माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक प्रफुल्ल मधुप ने कहा कि जीवन में संघर्ष करके सफलता कैसे प्राप्त होती है इसकी शिक्षा स्काउट विधा के माध्यम से प्राप्त होती है । जमुनादेवी स्कूल के प्राचार्य भूपेन्द्र सेन ने कहा कि विद्यार्थी स्काउट गाइड के माध्यम से अनुशासन में रहना सीखता है जो समाज की एक महती आवश्यकता है । कार्यक्रम के सूत्रधार जिला मुख्यालय आयुक्त स्काउट भूपेन्द्र वर्मा ने लार्ड बेडेन पॉवेल के व्यक्तित्व व कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए स्काउट की महत्ता प्रतिपादित की । इस अवसर पर श्री विनय खामगांवकर , अनिल पाण्डेय व स्वतंत्र पत्रकार मोनेश कोठारी व कन्या विद्यालय की गाइड्स की छात्राएं उपस्थित थी ।
